सर्वधर्म प्रार्थना सभा के साथ स्काउट-गाइड शिविर एवं प्रतियोगिता रैली का समापन

सुमेरपुर। काम्बेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड के पांच दिवसीय द्वितीय-तृतीय सोपान प्रशिक्षण शिविर, एकदिवसीय कब-बुलबुल उत्सव एवं प्रतियोगिता रैली का शनिवार को सर्वधर्म प्रार्थना सभा के साथ समापन हुआ। 6 से 10 अक्टूबर तक स्थानीय संघ सुमेरपुर, बाली, खुडाला एवं नाना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में स्काउट-गाइड ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अनुशासन, सेवा, सहयोग और सुयोग्य नागरिकता का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कैंप फायर और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बाली-सुमेरपुर का दबदबा
शिविर संचालक एवं स्थानीय संघ सुमेरपुर के सचिव रघुवीर सिंह मीणा ने बताया कि शिविर के तहत शुक्रवार रात्रि को विशाल कैंप फायर एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में पोमावा के प्रधानाचार्य राजीव चारण मुख्य अतिथि रहे। वहीं अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, शिवगंज कान सिंह राजपुरोहित तथा स्थानीय संघ सुमेरपुर के प्रभारी सहायक जिला कमिश्नर एवं कोलीवाड़ा के प्रधानाचार्य मदनलाल परिहार विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कैंप फायर प्रतियोगिता में स्थानीय संघ बाली ने प्रथम तथा सुमेरपुर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में भी बाली और सुमेरपुर क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर रहे। दोनों प्रतियोगिताओं में इन स्थानीय संघों के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।

विश्व मंगल और भाईचारे के लिए की प्रार्थना
शनिवार सुबह सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इसमें स्काउट-गाइड परिवार ने विश्व मंगल, शांति, आपसी सद्भाव और भाईचारे की स्थापना के लिए परमात्मा से प्रार्थना की। कार्यक्रम ने विभिन्न धर्मों के प्रति सम्मान, सामाजिक समरसता और मानवता की भावना का संदेश दिया।
इसके बाद आयोजित मार्च पास्ट प्रतियोगिता में स्थानीय संघ सुमेरपुर ने प्रथम तथा बाली ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं कलर पार्टी प्रतियोगिता में भी सुमेरपुर प्रथम और बाली द्वितीय स्थान पर रहा।
समापन समारोह में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। इसके बाद ध्वजावतरण के साथ शिविर एवं प्रतियोगिता रैली का विधिवत समापन हुआ।
प्रशिक्षण के जरिए सीखे सेवा और आपदा प्रबंधन के गुर
पांच दिवसीय शिविर के दौरान स्काउट-गाइड को प्राथमिक सहायता, कामचलाऊ स्ट्रेचर निर्माण, ड्रिल, एडवेंचर गतिविधियों, हाइकिंग, ट्रैकिंग, कंपास के उपयोग, दिशा ज्ञान, प्राथमिक उपचार पेटी के उपयोग तथा घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने जैसी महत्वपूर्ण दक्षताओं का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही स्काउट आंदोलन के उद्देश्यों, सिद्धांतों और सेवा भावना के बारे में भी जानकारी दी गई।
शिविर की दैनिक दिनचर्या सुबह पांच बजे से शुरू होती थी। दिनभर शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से बालचरों में अनुशासन, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदार नागरिकता के गुण विकसित करने का प्रयास किया गया।
समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश

शिविर के माध्यम से प्रतिभागियों को यह संदेश दिया गया कि स्काउट सेवा, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। समाज, प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण में सक्रिय योगदान देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। ऐसे प्रशिक्षण शिविर बच्चों और युवाओं को समाजोपयोगी कार्यों के लिए तैयार करने के साथ उनमें सहयोग, परोपकार और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में स्थानीय संघ बाली के सचिव महावीर सिंह सोनीगरा, खुडाला के सचिव लादू सिंह कुंपावत, नाना के सचिव गजेंद्र सिंह चौहान, बाली प्रधान एवं रोवर लीडर प्रभु प्रजापति सहित दिनेश त्रिवेदी, भंवरलाल देवड़ा, दरगाराम मीणा, कपूराराम, चतराराम देवासी, हिम्मत गहलोत, रताराम मीणा, अमराराम तथा रोवर प्रकाश कुमार एवं ऋषभ सहित अन्य उपस्थित रहे।




