नवरात्रि में मीट की दुकानों पर 10 दिन की पाबंदी, तो शराब के ठेकों पर कार्रवाई क्यों नहीं? सुमेरपुर में उठा सवाल
गरबा पंडालों की सुरक्षा से लेकर देर रात तक कथित अवैध शराब बिक्री तक चर्चा तेज, नागरिकों ने प्रशासन से मांगा जवाब
सुमेरपुर। नवरात्रि के पावन पर्व पर धार्मिक मर्यादा, जनभावनाओं और कानून-व्यवस्था को लेकर सुमेरपुर में एक अहम सवाल उठने लगा है। नगरपालिका प्रशासन ने नवरात्रि के दौरान 11 से 20 अक्टूबर तक मांस-मछली की दुकानों और कत्लखानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। ऐसे में अब नागरिकों की ओर से सवाल उठाया जा रहा है कि जब धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मीट की दुकानों पर 10 दिन की पाबंदी लगाई जा सकती है, तो फिर शराब के ठेकों और देर रात तक कथित रूप से संचालित अवैध शराब बिक्री पर प्रशासन की क्या नीति है?
शहर में यह मुद्दा अब केवल दुकानों को बंद करवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और प्रशासनिक कार्रवाई में समानता से भी जुड़ गया है।
मीट की दुकानों पर सख्ती, शराब के मामले में भी स्पष्ट नीति की मांग
नगरपालिका की ओर से जारी आदेश के बाद अब शराब की दुकानों को लेकर भी बहस तेज होने लगी है। नागरिकों का कहना है कि नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों, धार्मिक आयोजनों और देर रात तक चलने वाली गतिविधियों में महिलाओं, युवतियों और परिवारों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
उनका तर्क है कि यदि धार्मिक भावनाओं के सम्मान में मांस-मछली की दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है, तो शराब से जुड़े मामलों में भी कानून के दायरे में प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। हालांकि, शराब के ठेकों को बंद करने की मांग पर निर्णय संबंधित नियमों और सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी के अधिकार क्षेत्र के अनुसार लिया जाना चाहिए।
देर रात शराब बिक्री पर निगरानी की मांग
सुमेरपुर और आसपास के क्षेत्रों में देर रात तक कथित अवैध शराब बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। नागरिकों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर निर्धारित समय के बाद भी शराब उपलब्ध होने की शिकायतें सामने आती हैं। यदि इन शिकायतों की पुष्टि होती है, तो यह आबकारी नियमों के पालन और कानून-व्यवस्था की निगरानी से जुड़ा गंभीर विषय है।
लोगों का कहना है कि नवरात्रि के दौरान धार्मिक स्थलों, गरबा पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जानी चाहिए। अवैध बिक्री की शिकायतों पर आबकारी विभाग और पुलिस को संयुक्त रूप से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि पर्व के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था की आशंका को कम किया जा सके।
नगरपालिका का आदेश, 11 से 20 अक्टूबर तक बंद रहेंगी दुकानें
गौरतलब है कि नगरपालिका सुमेरपुर के अधिशाषी अधिकारी नरपतसिंह राजपुरोहित एवं पालिका अध्यक्ष छत्रभुज शर्मा के संयुक्त हस्ताक्षर से आदेश क्रमांक न.पा.सु./2026/7930 जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार, 11 से 20 अक्टूबर तक नगरपालिका क्षेत्र में स्थित समस्त कत्लखानों और मांस-मछली विक्रेताओं को दुकानें बंद रखने के लिए पाबंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए स्वास्थ्य एवं सफाई निरीक्षक को आवश्यक कार्रवाई करने तथा आदेश का उल्लंघन होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इसी आदेश के बाद अब नागरिकों की निगाहें शराब की दुकानों की समय-सीमा, अवैध बिक्री पर निगरानी और धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
गरबा पंडालों के आसपास विशेष पुलिस व्यवस्था की मांग
सामाजिक संगठनों, युवा मंडलों और गरबा आयोजकों से जुड़ी मांगों में शराब पीकर हुड़दंग करने वालों पर कार्रवाई, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
नागरिकों ने मांग की है कि गरबा स्थलों के आसपास विशेष पुलिस दल तैनात किए जाएं। जरूरत के अनुसार कानूनी प्रावधानों के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच की जाए और सार्वजनिक स्थानों पर शांति भंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही, देर रात शराब बिक्री की शिकायतों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब प्रशासन से सीधे सवाल
सुमेरपुर में उठती इस बहस के बीच नागरिकों के सवाल साफ हैं—क्या नवरात्रि के दौरान शराब की दुकानों के समय और संचालन की समीक्षा होगी? क्या देर रात कथित अवैध बिक्री की शिकायतों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा? और क्या गरबा पंडालों में आने वाली महिलाओं, युवतियों तथा परिवारों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे?
नवरात्रि आस्था, संयम और सामाजिक सद्भाव का पर्व है। ऐसे में नागरिक चाहते हैं कि प्रशासन धार्मिक भावनाओं के सम्मान के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को भी समान प्राथमिकता दे। अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी इन मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।

जवाई डिजिटल न्यूज़ | सुमेरपुर, पाली, राजस्थान
मुख्य संपादक अरुण बैरवा सुमेरपुर, 9461830820
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