कलम से चेतना, संकल्प से बदलाव… शांतिवन में जुटीं 200 से ज्यादा कलमें

दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्य स्मृति पर पत्रकारों का स्नेह मिलन एवं श्रद्धांजलि सभा, नशामुक्त जीवन का लिया सामूहिक संकल्प
सुमेरपुर/आबूरोड। पत्रकारिता केवल खबर लिखने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की सोच को दिशा देने वाली ताकत है। एक शब्द किसी को उम्मीद दे सकता है, एक खबर किसी को जागरूक कर सकती है और सकारात्मक पत्रकारिता समाज में नई चेतना का संचार कर सकती है। इसी संदेश के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान के मुख्यालय शांतिवन में जिला स्तरीय पत्रकार स्नेह मिलन एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्य स्मृति के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पाली, जालौर और सिरोही क्षेत्र से 200 से अधिक पत्रकार बंधु पहुंचे। कार्यक्रम में श्रद्धा, स्नेह और सामाजिक सरोकारों का अनूठा संगम देखने को मिला। पत्रकारों ने दादी प्रकाशमणि की स्मृति में निर्मित प्रकाश स्तंभ पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान सभी ने नशामुक्त जीवन अपनाने का सामूहिक संकल्प भी लिया।

कलम में सिर्फ स्याही नहीं, समाज बदलने की ताकत है
संस्थान के महासचिव राजयोगी करुणा भाई ने कहा कि पत्रकार अपने लेखन से समाज को नई दिशा और राह दिखाने का कार्य करते हैं। समाचार में लिखा प्रत्येक शब्द लोगों में नई चेतना का संचार कर सकता है। उन्होंने पत्रकारों से सकारात्मक, प्रेरणादायी और समाज को सही दिशा देने वाली खबरों को अधिक स्थान देने का आह्वान किया, ताकि समाज में श्रेष्ठ मूल्यों का संचार हो और सकारात्मक वातावरण बने।
हर शब्द बन सकता है इतिहास
अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. मृत्युंजय भाई ने कहा कि पत्रकारों के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है। पत्रकार की कलम से निकला प्रत्येक शब्द इतिहास का हिस्सा बन सकता है। इसलिए ऐसा लेखन किया जाए, जिससे स्वयं को संतुष्टि मिले और दूसरों के जीवन में भी प्रसन्नता एवं सकारात्मकता आए। उन्होंने कहा कि परमात्मा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

विचार शुद्ध होंगे तो लेखनी भी प्रभावी होगी
गीता ज्ञान विशेषज्ञ राजयोगिनी ऊषा दीदी ने पत्रकारों से अपनी व्यस्त दिनचर्या में से प्रतिदिन कुछ समय परमात्मा की स्मृति और ध्यान के लिए निकालने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परमात्मा की स्मृति से मन शांत होगा, जीवन में प्रसन्नता आएगी और लेखन अधिक प्रभावी बनेगा।
उन्होंने कहा कि जैसे हमारे विचार होते हैं, वैसे ही हमारे कर्म बनते हैं। मन सद्विचारों, श्रेष्ठ भावनाओं और कल्याण की भावना से भरा रहेगा तो कर्म भी श्रेष्ठ और दिव्य बनेंगे।

दादी प्रकाशमणि को याद कर विश्व कल्याण का संदेश
वरिष्ठ राजयोगी प्रकाश भाई ने दादी प्रकाशमणि की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि पत्रकारों से उनका विशेष स्नेह रहा। वर्षों तक उनके साथ रहने और सेवा करने का अवसर मिला। उनके मन में सदैव विश्व कल्याण और विश्व बंधुत्व की भावना रहती थी।
समाज को सकारात्मक दिशा देने में पत्रकारों की अहम भूमिका
समाज सेवा प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार राजयोगी अवतार भाई ने स्वागत भाषण में कहा कि परमात्मा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पत्रकार समाज और व्यवस्था के बीच एक मजबूत सेतु हैं तथा अपनी लेखनी से सकारात्मक बदलाव की नींव रख सकते हैं।
जनसंपर्क अधिकारी कोमल भाई ने पत्रकारों के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन शिवांगी बहन ने किया। अतिथियों का स्वागत दलजीत भाई, पुष्पेंद्र भाई, गजानन भाई, प्रेम भाई, मोहित भाई एवं त्रिलोचन भाई ने किया।

स्नेह मिलन से निकला बड़ा संदेश
शांतिवन का यह आयोजन केवल पत्रकारों के मिलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सकारात्मक पत्रकारिता, श्रेष्ठ विचारों और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश देकर यादगार बन गया। दादी प्रकाशमणि की स्मृति में अर्पित श्रद्धासुमन के साथ पत्रकारों ने अपनी कलम को समाजहित और सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाने का संदेश भी दिया।
जवाई डिजिटल न्यूज़ | सुमेरपुर
“हर गांव, हर शहर… सच के साथ हर खबर पर हमारी नज़र”
मुख्य संपादक: अरुण बैरवा, सुमेरपुर
खबर के लिए संपर्क करें: 9461830820







