अरुण बैरवा, सुमेरपुर – 9461830820
🏏 सुमेरपुर में कल जुटेंगे क्रिकेट के सितारे, गोडवाड़ के खिलाड़ियों को मिलेगा अनुभव का ‘मास्टरक्लास’
गोडवाड़ स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव-2026 में क्रिकेट की तकनीक से लेकर फिटनेस, चयन और सफलता तक पर होगा संवाद
सुमेरपुर में लगेगा क्रिकेट का ‘क्लासरूम’!
एक ही मंच पर क्रिकेट के तीन बड़े नाम—दीपक चाहर, अशोक मेनारिया और राजेश बिश्नोई देंगे युवाओं को जीत का मंत्र
9 अगस्त को टाउन हॉल में ‘गोडवाड़ स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव-2026’ | गांव-कस्बों की प्रतिभाओं को मिलेगा सितारों से सीखने और सवाल पूछने का मौका

सुमेरपुर। मैदान पर चौके-छक्के लगाने का सपना देखने वाले गोडवाड़ के युवा खिलाड़ियों के लिए 9 अगस्त का दिन खास होने जा रहा है। सुमेरपुर में पहली बार ऐसा मंच सजने जा रहा है, जहां क्रिकेट की किताबें नहीं, बल्कि मैदान पर संघर्ष कर सफलता हासिल करने वाले खिलाड़ी खुद युवाओं को क्रिकेट का पाठ पढ़ाएंगे।
एलिट स्पोर्ट्स एकेडमी सुमेरपुर की ओर से ‘गोडवाड़ स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन रविवार 9 अगस्त को सुबह 11 बजे टाउन हॉल सुमेरपुर में किया जाएगा।
⭐ एक मंच… तीन बड़े क्रिकेट नाम



कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी खासियत होगी क्रिकेट जगत के तीन अनुभवी चेहरों की मौजूदगी।
दीपक चाहर — भारतीय क्रिकेट टीम के चर्चित तेज गेंदबाज और चेन्नई सुपर किंग्स व मुंबई इंडियंस से जुड़े खिलाड़ी। गेंद को स्विंग कराने से लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव तक, उनके अनुभव युवा तेज गेंदबाजों के लिए बेहद उपयोगी होंगे।
अशोक मेनारिया — भारत अंडर-19 टीम के कप्तान रह चुके और राजस्थान रॉयल्स से जुड़े क्रिकेटर। राजस्थान की धरती से निकलकर बड़े क्रिकेट मंच तक पहुंचने का उनका अनुभव स्थानीय खिलाड़ियों को नई दिशा दे सकता है।
राजेश बिश्नोई — रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रणजी टीम से जुड़े क्रिकेटर। घरेलू क्रिकेट से लेकर बड़े मंच तक के अनुभवों को वे युवा खिलाड़ियों के साथ साझा करेंगे।
🎯 सिर्फ भाषण नहीं, खिलाड़ियों से सीधा संवाद
इस कॉन्क्लेव की खास बात यह होगी कि इसे महज औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि खिलाड़ियों और क्रिकेट सितारों के बीच सीधा संवाद बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
युवा खिलाड़ी जान सकेंगे कि—
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🎯 सिर्फ क्रिकेट नहीं, करियर की राह भी बताएगा कॉन्क्लेव
गोडवाड़ स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में युवा खिलाड़ियों को केवल क्रिकेट की तकनीक सीखने का अवसर नहीं मिलेगा, बल्कि मैदान से लेकर क्रिकेट करियर तक की पूरी यात्रा को समझने का मौका मिलेगा। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ संवाद के दौरान युवा यह जान सकेंगे कि प्रतिभा के साथ कौन-कौन से गुण उन्हें आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
बड़े स्तर तक पहुंचने के लिए कितनी मेहनत और अनुशासन जरूरी है?
युवा खिलाड़ियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि स्थानीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के बाद राष्ट्रीय स्तर तक कैसे पहुंचा जाए। इस दौरान खिलाड़ी अपने अनुभव साझा करते हुए बताएंगे कि नियमित अभ्यास, समय की पाबंदी, फिटनेस, खान-पान, मानसिक मजबूती और लगातार अपने खेल में सुधार किस तरह सफलता की नींव तैयार करते हैं। साथ ही यह भी समझने का अवसर मिलेगा कि केवल प्रतिभा पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उसे लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ निखारना पड़ता है।तकनीक के साथ फिटनेस क्यों बनी सफलता की कुंजी?
आज के प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण की तकनीक के साथ खिलाड़ी की फिटनेस भी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। युवा यह जान सकेंगे कि मैदान पर लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने के लिए स्टैमिना, ताकत, फुर्ती, रिकवरी और सही फिटनेस रूटीन किस तरह मदद करते हैं। अनुभवी क्रिकेटरों के अनुभव से खिलाड़ियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि अपनी उम्र और खेल के स्तर के अनुसार फिटनेस पर किस तरह काम किया जाए।असफलता के बाद वापसी का रास्ता क्या है?
क्रिकेट में हर खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं। कभी चयन नहीं होता, कभी खराब प्रदर्शन होता है तो कभी टीम से बाहर होना पड़ता है। ऐसे समय में निराश होने के बजाय अपनी कमियों को पहचानकर दोबारा मेहनत कैसे शुरू की जाए—यह भी कॉन्क्लेव का अहम हिस्सा रहेगा। अनुभवी खिलाड़ी युवाओं को बताएंगे कि असफलता अंत नहीं, बल्कि खुद को और मजबूत बनाने का अवसर हो सकती है।चयन की दौड़ में खिलाड़ी किन पहलुओं पर करें फोकस?
युवा खिलाड़ियों के लिए यह जानना भी महत्वपूर्ण होगा कि चयनकर्ता किसी खिलाड़ी में किन खूबियों को देखते हैं। तकनीक, निरंतर प्रदर्शन, फिटनेस, अनुशासन, खेल भावना, मानसिक मजबूती और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता जैसे पहलुओं पर खिलाड़ी किस तरह काम कर सकते हैं, इस पर भी मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर खेल रहे युवाओं को अपने खेल की कमियों और खूबियों को समझने में मदद मिलेगी।ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए सबसे बड़ा सवाल—बड़े मंच तक कैसे पहुंचे?
गांव और छोटे शहरों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें सही दिशा, बेहतर प्रशिक्षण और उचित अवसर देने की। कॉन्क्लेव में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह जानने का अवसर रहेगा कि स्थानीय प्रतियोगिताओं से लेकर जिला, राज्य, रणजी और उच्च स्तर की क्रिकेट तक पहुंचने के लिए किस तरह कदम-दर-कदम तैयारी की जाए।
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🏏 अनुभव से निकलेगा सफलता का मंत्र
इस तरह गोडवाड़ स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव-2026 युवा खिलाड़ियों के लिए सिर्फ एक मुलाकात का कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्रिकेट सीखने, सवाल पूछने, अपनी गलतियों को समझने और भविष्य की दिशा तय करने का मंच बनने जा रहा है। दीपक चाहर, अशोक मेनारिया और राजेश बिश्नोई जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभवों से युवा खिलाड़ियों को यह समझने का मौका मिलेगा कि बड़े सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने के लिए मैदान के बाहर और मैदान के अंदर किस तरह की मेहनत करनी पड़ती है।
🏆 गांव की पिच से बड़े मैदान तक…
गोडवाड़ क्षेत्र में क्रिकेट को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह है। गलियों और गांवों के मैदानों से कई प्रतिभाएं सामने आती हैं, लेकिन सही मार्गदर्शन और उचित मंच के अभाव में अनेक प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पातीं।
इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए एलिट स्पोर्ट्स एकेडमी ने ‘Where Rural Talent Becomes Champions’ की सोच के साथ इस आयोजन की पहल की है। मकसद साफ है—गांव-कस्बों में छिपी प्रतिभा को पहचानना, तराशना और उसे बड़े मंच की राह दिखाना।
🔥 सुमेरपुर से उठेगी नई खेल लहर?
गोडवाड़ स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद और नई दिशा का मंच बन सकता है। क्रिकेट सितारों की मौजूदगी में युवाओं को अपने सपनों को नई उड़ान देने का मौका मिलेगा।
एलिट स्पोर्ट्स एकेडमी के को-फाउंडर योगेंद्र सिंह राणावत एवं फाउंडर देवेंद्र सिंह सिसोदिया ने क्षेत्र के खिलाड़ियों, अभिभावकों और खेलप्रेमियों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है।

सुमेरपुर | जवाई डिजिटल न्यूज़
🎯 सिर्फ क्रिकेट नहीं, करियर की राह भी बताएगा कॉन्क्लेव
गोडवाड़ स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में युवा खिलाड़ियों को केवल क्रिकेट की तकनीक सीखने का अवसर नहीं मिलेगा, बल्कि मैदान से लेकर क्रिकेट करियर तक की पूरी यात्रा को समझने का मौका मिलेगा। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ संवाद के दौरान युवा यह जान सकेंगे कि प्रतिभा के साथ कौन-कौन से गुण उन्हें आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
बड़े स्तर तक पहुंचने के लिए कितनी मेहनत और अनुशासन जरूरी है?
युवा खिलाड़ियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि स्थानीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के बाद राष्ट्रीय स्तर तक कैसे पहुंचा जाए। इस दौरान खिलाड़ी अपने अनुभव साझा करते हुए बताएंगे कि नियमित अभ्यास, समय की पाबंदी, फिटनेस, खान-पान, मानसिक मजबूती और लगातार अपने खेल में सुधार किस तरह सफलता की नींव तैयार करते हैं। साथ ही यह भी समझने का अवसर मिलेगा कि केवल प्रतिभा पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उसे लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ निखारना पड़ता है।
तकनीक के साथ फिटनेस क्यों बनी सफलता की कुंजी?
आज के प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण की तकनीक के साथ खिलाड़ी की फिटनेस भी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। युवा यह जान सकेंगे कि मैदान पर लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने के लिए स्टैमिना, ताकत, फुर्ती, रिकवरी और सही फिटनेस रूटीन किस तरह मदद करते हैं। अनुभवी क्रिकेटरों के अनुभव से खिलाड़ियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि अपनी उम्र और खेल के स्तर के अनुसार फिटनेस पर किस तरह काम किया जाए।
असफलता के बाद वापसी का रास्ता क्या है?
क्रिकेट में हर खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं। कभी चयन नहीं होता, कभी खराब प्रदर्शन होता है तो कभी टीम से बाहर होना पड़ता है। ऐसे समय में निराश होने के बजाय अपनी कमियों को पहचानकर दोबारा मेहनत कैसे शुरू की जाए—यह भी कॉन्क्लेव का अहम हिस्सा रहेगा। अनुभवी खिलाड़ी युवाओं को बताएंगे कि असफलता अंत नहीं, बल्कि खुद को और मजबूत बनाने का अवसर हो सकती है।
चयन की दौड़ में खिलाड़ी किन पहलुओं पर करें फोकस?
युवा खिलाड़ियों के लिए यह जानना भी महत्वपूर्ण होगा कि चयनकर्ता किसी खिलाड़ी में किन खूबियों को देखते हैं। तकनीक, निरंतर प्रदर्शन, फिटनेस, अनुशासन, खेल भावना, मानसिक मजबूती और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता जैसे पहलुओं पर खिलाड़ी किस तरह काम कर सकते हैं, इस पर भी मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर खेल रहे युवाओं को अपने खेल की कमियों और खूबियों को समझने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए सबसे बड़ा सवाल—बड़े मंच तक कैसे पहुंचे?
गांव और छोटे शहरों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें सही दिशा, बेहतर प्रशिक्षण और उचित अवसर देने की। कॉन्क्लेव में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह जानने का अवसर रहेगा कि स्थानीय प्रतियोगिताओं से लेकर जिला, राज्य, रणजी और उच्च स्तर की क्रिकेट तक पहुंचने के लिए किस तरह कदम-दर-कदम तैयारी की जाए।
🏏 अनुभव से निकलेगा सफलता का मंत्र
इस तरह गोडवाड़ स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव-2026 युवा खिलाड़ियों के लिए सिर्फ एक मुलाकात का कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्रिकेट सीखने, सवाल पूछने, अपनी गलतियों को समझने और भविष्य की दिशा तय करने का मंच बनने जा रहा है। दीपक चाहर, अशोक मेनारिया और राजेश बिश्नोई जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभवों से युवा खिलाड़ियों को यह समझने का मौका मिलेगा कि बड़े सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने के लिए मैदान के बाहर और मैदान के अंदर किस तरह की मेहनत करनी पड़ती है।
🔥 सुमेरपुर से उठेगी नई खेल लहर?
यह आयोजन उन युवाओं के लिए खास मौका है जो क्रिकेट को केवल शौक नहीं, बल्कि करियर और पहचान बनाना चाहते हैं। बड़े खिलाड़ियों के अनुभव से मिलने वाली सीख कई युवा प्रतिभाओं के लिए आगे की राह तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
सुमेरपुर | जवाई डिजिटल न्यूज़
“जहां प्रतिभा गांव से निकलती है, वहीं से चैंपियन बनने का सफर शुरू होता है।”
🟢 जवाई डिजिटल न्यूज़
“सुमेरपुर से पाली… राजस्थान से देश-दुनिया तक, हर खबर सबसे पहले।”
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