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सुमेरपुर से 75 किलोमीटर दूर पाली से क्यों मंगवाया डिब्बाबंद भोजन? पैकेट खोलते ही दुर्गंध की शिकायत, सरकारी कार्मिकों की सेहत से खिलवाड़ की जिम्मेदारी किसकी ?

सुमेरपुर में भोजन की स्थानीय व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद पाली से आए पैकेटों पर उठे सवाल, पंचायत चुनाव में ड्यूटी कर रहे कार्मिकों ने भोजन फेंका, जांच की मांग


सुमेरपुर, पाली। पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियों और मतदान दलों की रवानगी के बीच चुनाव ड्यूटी में तैनात कार्मिकों के भोजन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सुमेरपुर से करीब 75 किलोमीटर दूर पाली से डिब्बाबंद भोजन के पैकेट भेजे गए। जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर जब स्ट्रांग रूम में तैनात कार्मिकों ने भोजन के पैकेट खोले, तो उनमें से दुर्गंध आने की शिकायत सामने आई। इसके बाद कर्मचारियों ने भोजन करने के बजाय कई पैकेट कचरा पात्र में डाल दिए।
सुमेरपुर में व्यवस्था उपलब्ध थी, फिर पाली से क्यों आया भोजन?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सुमेरपुर में ही भोजन की व्यवस्था उपलब्ध थी, तो चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिकों के लिए करीब 75 किलोमीटर दूर पाली से डिब्बाबंद भोजन के पैकेट क्यों मंगवाए गए? क्या स्थानीय स्तर पर भोजन की व्यवस्था करने के विकल्प पर विचार किया गया था? यदि भोजन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया जा सकता था, तो दूर से पैक भोजन भेजने के पीछे क्या कारण था?
इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग की ओर से सामने आना जरूरी है। हालांकि, भोजन की आपूर्ति के लिए पाली से ही व्यवस्था क्यों की गई, इसकी आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
पैकेट खोलते ही दुर्गंध की शिकायत, बिना खाए फेंका भोजन
जानकारी के अनुसार, मतदान दलों की रवानगी के दिन तैयार किए गए भोजन के पैकेट बुधवार दोपहर खोले गए। कर्मचारियों ने भोजन में दुर्गंध आने की शिकायत की और कई पैकेट बिना खाए ही कचरा पात्र में डाल दिए। इस घटनाक्रम ने भोजन की पैकिंग, भंडारण, परिवहन और गुणवत्ता की जांच की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
रिटर्निंग अधिकारी ने लिया संज्ञान
मामले की सूचना उपखंड अधिकारी एवं रिटर्निंग अधिकारी कालूराम कुम्हार को मिलने पर उन्होंने तत्काल रसद विभाग के कार्मिकों को मौके पर बुलाकर शिकायत से अवगत कराया। इसके बाद मौके पर बचे हुए भोजन के पैकेट हटवा दिए गए।
अब यह जांच का विषय है कि भोजन तैयार होने के बाद कितने समय तक पैक रहा, उसे किस परिस्थिति में सुमेरपुर पहुंचाया गया और वितरण से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच की गई थी या नहीं।
सरकारी कार्मिकों की सेहत से खिलवाड़ तो नहीं?
चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य में तैनात कर्मचारियों को सुरक्षित, ताजा और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है। यदि भोजन में दुर्गंध आने की शिकायत सही पाई जाती है, तो इसकी वजह की जांच कर जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है।
जवाई डिजिटल न्यूज़ के प्रमुख सवाल
- सुमेरपुर में भोजन की व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद पाली से भोजन क्यों मंगवाया गया?
- भोजन के पैकेट तैयार करने और वितरण से पहले गुणवत्ता की जांच किसने की?
- पैकेट खोलते ही दुर्गंध आने की शिकायत के पीछे क्या कारण था?
- क्या पूरे मामले की जांच कर संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी?
सवाल यह भी है कि सरकारी कार्मिकों की सेहत की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या यह केवल भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है? फिलहाल किसी साजिश की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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