🏹 सुमेरपुर में गूंजा आदिवासी गौरव का जयघोष, भव्य रैली में दिखी संस्कृति की रंगीन झलक

पांच अलग-अलग टुकड़ों में दिखीं विभिन्न समुदायों की झांकियां, दिनभर गूंजते रहे “जय जोहार” के नारे; डीजे की धुन पर जमकर झूमे युवक-युवतियां

सुमेरपुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को सुमेरपुर में आदिवासी समाज की ओर से निकाली गई भव्य रैली ने शहर को आदिवासी संस्कृति, परंपरा और उत्साह के रंग में रंग दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे हजारों समाजबंधु रैली में शामिल हुए। पूरे दिन शहर के प्रमुख मार्गों पर “जय जोहार, जय भीम और जय संविधान” के नारों की गूंज सुनाई देती रही।
🏳️ जय जोहार के झंडे, जय भीम का ध्वज और तिरंगे की शान
रैली में “जय जोहार” के प्रतीक झंडे के साथ “जय भीम” का ध्वज भी शान से लहराता नजर आया। इनके बीच देश के सम्मान और एकता का प्रतीक तिरंगा ध्वज भी पूरे गौरव के साथ लहराता दिखाई दिया। जय जोहार के नारों, जय भीम के उद्घोष और तिरंगे की आन के बीच सुमेरपुर में आदिवासी संस्कृति, सामाजिक एकता और राष्ट्रप्रेम का अद्भुत संगम देखने को मिला।
🌿 पांच टुकड़ों में दिखी विभिन्न समुदायों की संस्कृति
रैली की सबसे खास बात पांच अलग-अलग टुकड़ों में देखने को मिली विभिन्न समुदायों की आकर्षक झांकियां रहीं। झांकियों में आदिवासी समाज की परंपराओं, संस्कृति और जीवनशैली की शानदार झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियां, महिलाएं और बच्चे लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर समाजबंधुओं ने उत्साह से भाग लिया। युवाओं ने हाथों में पारंपरिक हथियार लेकर अपनी संस्कृति और गौरव का प्रदर्शन किया।
💃 डीजे की धुन पर थिरके युवक-युवतियां
रैली में पारंपरिक नृत्य के साथ डीजे की धुन पर युवक-युवतियां जमकर झूमते नजर आए। युवाओं के जोश और समाजजनों के उत्साह से पूरे शहर में उत्सवी माहौल बना रहा। पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक अंदाज का यह संगम रैली में खास आकर्षण का केंद्र रहा।
🌺 महादेव प्रांगण से निकली रैली, जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत
रैली नीलकंठ महादेव प्रांगण से शुरू होकर सुमेरपुर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी। मंगल कलश चौराहा, गांधी मूर्ति, भैरव चौक एवं जवाई बांध रोड सहित कई स्थानों पर रैली का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। रास्तेभर लोगों ने रैली का उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया।
रैली के माध्यम से जल-जंगल-जमीन, शिक्षा, सामाजिक एकता और जागरूकता का संदेश भी दिया गया। समाज के प्रबुद्धजनों ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ सामाजिक एकता को मजबूत करने का काम करते हैं।
🛡️ सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
भव्य रैली को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस अधिकारी और जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए साकेत आश्रम रोड से शिवगंज की ओर रवाना हुई।
विश्व आदिवासी दिवस पर सुमेरपुर में निकली यह रैली महज एक शोभायात्रा नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, सामाजिक एकता, युवा शक्ति और राष्ट्रप्रेम का भव्य प्रदर्शन बन गई। झांकियों, जय जोहार के नारों, जय भीम के उद्घोष, नृत्य और तिरंगे की शान से सुमेरपुर का माहौल देर तक आदिवासी रंग में रंगा नजर आया।






