पोस्टर पर सियासत या लोकतंत्र की मर्यादा?
दूसरे प्रत्याशियों के पोस्टरों पर झंडे-स्टिकर लगाने की शिकायत, चुनावी माहौल में उठे सवाल
सुमेरपुर। नगर निकाय चुनाव का माहौल जैसे-जैसे गरमा रहा है, वैसे-वैसे प्रचार को लेकर तरह-तरह के नजारे सामने आने लगे हैं। शहर में पहली बार ऐसी स्थिति सामने आने की बात कही जा रही है, जहां अन्य दलों के प्रत्याशियों के पोस्टरों पर झंडे लगाने, स्टिकर चिपकाने और प्रचार सामग्री को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें सामने आई हैं।
इस घटनाक्रम को लेकर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा गया कि चुनाव विचारों की लड़ाई है, पोस्टरों की नहीं। किसी भी प्रत्याशी की प्रचार सामग्री पर दूसरे दल का झंडा या स्टिकर लगाना अथवा उसे नुकसान पहुंचाना लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में हर प्रत्याशी को अपनी बात जनता तक पहुंचाने का अधिकार है। किसे वोट देना है, इसका फैसला पोस्टर नहीं बल्कि जनता की सोच और मतदाता की उंगली पर लगने वाली स्याही करती है।
इस मामले में कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सभी राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों से चुनावी मर्यादा बनाए रखने की अपील की गई है। साथ ही प्रशासन से भी ऐसे मामलों पर नजर रखने और शिकायत मिलने पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
चुनाव जीतना बड़ी बात है, लेकिन चुनावी माहौल में भाईचारा और लोकतंत्र की गरिमा बचाए रखना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है।

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