वरिष्ठ पत्रकार नटवर मेवाड़ा का निधन, सांडेराव में हुआ अंतिम संस्कार
चार दशक की निष्पक्ष पत्रकारिता को नम आंखों से विदाई, पत्रकारों व समाजसेवियों में छाया शोक

सांडेराव। 11 जुलाई 2026
सांडेराव। सांडेराव निवासी वरिष्ठ पत्रकार नटवर मेवाड़ा का शुक्रवार रात्रि को निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से गंभीर रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। उपचार के लिए उन्हें गुजरात के अहमदाबाद स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां ट्रॉमा वेंटिलेटर पर उनका इलाज चल रहा था। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद शुक्रवार रात करीब 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र सहित पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
शनिवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सांडेराव लाया गया, जहां दोपहर 2 बजे सांडेराव श्मशान भूमि में पूरे विधि-विधान और गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, शुभचिंतक और ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देते हुए पुष्पांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
नटवर मेवाड़ा पिछले करीब 40 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे। उन्होंने अपने लंबे पत्रकारिता जीवन में कई प्रतिष्ठित प्रिंट मीडिया संस्थानों में सेवाएं दीं और अपनी निष्पक्ष, निर्भीक तथा जनहितकारी पत्रकारिता से अलग पहचान बनाई। वे हमेशा आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते रहे और उनकी आवाज़ को प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी लेखनी समाज के अंतिम व्यक्ति की पीड़ा को सामने लाने का माध्यम बनी रही।
पत्रकारिता के साथ-साथ वे सामाजिक सरोकारों से भी गहराई से जुड़े रहे। क्षेत्र में होने वाले सामाजिक, धार्मिक और जनकल्याणकारी कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। सरल, मिलनसार और विनम्र स्वभाव के कारण वे हर वर्ग में सम्मानित थे। उनके निधन से सांडेराव ही नहीं, बल्कि पूरे पाली जिले के पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है।
उनके निधन पर पत्रकारों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने कहा कि नटवर मेवाड़ा ने पत्रकारिता को केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनाया। उनके जाने से पत्रकारिता जगत ने एक अनुभवी, ईमानदार और जनहित के लिए समर्पित पत्रकार खो दिया है।
अंतिम संस्कार के दौरान वातावरण अत्यंत भावुक रहा। परिजनों का विलाप और शुभचिंतकों की नम आंखें हर किसी को भावुक कर रही थीं। पत्रकारों और समाजसेवियों में गहरी उदासी छाई रही। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और ईश्वर से शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।




